आवाज उठायेंगे, हम साज बजायेंगेे (2)
है माता महान् अपनी
यह गीत सुनायेंगे, ल ल ला, ल ल ला
चैतन्य बहे जहाँ तक माँ,
हैैं रूप तुम्हारा ही (2)
हैैं निराकार फिर भी,
हैैं स्वरूप तुम्हारा ही (2)
ये शक्ति रूप तुम्हारा,
हम सबकाे दिखायेंगे
है माता महान् अपनी… ल ल ला, ल ल ला…
अनमाेल खजाना बन गया
दिल तेरी माेहब्बत से (2)
परिवर्तित हर्षित बन गया
यह तेरी उल्फत से (2)
प्रतिभा की तेरी बातें,
हम सबकाे सुनायेंगे
है माता महान् अपनी… ल ल ला, ल ल ला..