ब्रज से आई मस्ती में … सहजी की ये टाेली ।
कन्हैया के रूप में मैया से… खेलन रंगीन हाेली ।
अबीर गुलाल क्या लाल नीला ।
रंगाें से है भरी झाेली ।
ढाेल मंजीरे पे झूमकर गाेपियाँ बजाएं ताली ।
प्यार दुलार है रंग माँ का ।
है प्यारी प्यारी बाेली ।
धानी रंग का घागरा । हरे रंग की चाेली ।